Home कवर्धा कभी नक्सल प्रभाव की छाया में रहा माराडबरा, अब बना शांति, विकास और जनविश्वास का प्रतीक

कभी नक्सल प्रभाव की छाया में रहा माराडबरा, अब बना शांति, विकास और जनविश्वास का प्रतीक

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कभी नक्सल प्रभाव की छाया में रहा माराडबरा, अब बना शांति, विकास और जनविश्वास का प्रतीक

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने वनांचल में लगाई जनचौपाल, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और बच्चों को वितरित की शैक्षणिक सामग्री।

कवर्धा।कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में पुलिस और जनता के बीच विश्वास, संवाद एवं सहभागिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह द्वारा लगातार वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील ग्राम माराडबरा पहुंचकर ग्रामीण जनचौपाल आयोजित की तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, मांगों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना।

विशेष उल्लेखनीय है कि ग्राम माराडबरा कभी नक्सल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। एक समय ऐसा था जब यहां विकास कार्यों की पहुंच, शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक संपर्क अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ था। किंतु पुलिस एवं प्रशासन के सतत प्रयासों, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से आज यह क्षेत्र शांति, विकास और जनविश्वास की नई पहचान बनकर उभरा है। वर्तमान में ग्रामीण निर्भीक होकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं तथा विकास की मुख्यधारा से जुड़कर नए भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

पुलिस जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विभिन्न मांगें एवं समस्याएं पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत कीं। श्री धर्मेन्द्र सिंह ने प्रत्येक विषय को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा मौके पर निराकरण योग्य समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए अन्य महत्वपूर्ण विषयों से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा, ताकि आवश्यक कार्यवाही कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ विश्वास और सहयोग का मजबूत संबंध स्थापित करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए पुलिस प्रशासन निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि माराडबरा जैसे गांवों का बदलता स्वरूप इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब प्रशासन और जनता एकजुट होकर कार्य करते हैं तो विकास के नए आयाम स्थापित होते हैं। कभी नक्सल प्रभाव की पहचान रखने वाला यह क्षेत्र आज शांति, शिक्षा, सामाजिक समरसता और विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है, जो ग्रामीणों के विश्वास, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता का परिणाम है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने गांव के बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय जाने, शिक्षा के महत्व को समझने तथा अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि “शिक्षा ही वह सबसे प्रभावी माध्यम है जो बच्चों को सशक्त बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने योग्य बनाती है।”

पुलिस जनचौपाल के माध्यम से ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच संवाद का यह सशक्त प्रयास न केवल जनविश्वास को और मजबूत करेगा, बल्कि वनांचल क्षेत्रों में विकास एवं सुरक्षा के समन्वित मॉडल को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

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