बकेला डार्वसन नहर निर्माण पर उठे सवाल: कुछ महीनों में पड़ी दरारें, किसानों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग।
घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी अनियमितताओं का आरोप, स्वतंत्र लैब से जांच कराने की मांग

पंडरिया (कबीरधाम)। पंडरिया विकासखंड के ग्राम बकेला डार्वसन से निकलने वाली सिंचाई नहर, नाली लाइनिंग एवं पुलिया निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण कार्य पूरा होने के कुछ ही महीनों बाद कई स्थानों पर नहर लाइनिंग और पुलिया में दरारें आने लगीं तथा संरचनाएं क्षतिग्रस्त होने लगीं।

ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्ता विहीन निर्माण के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्य में अनियमितताएं हुईं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
बताया जा रहा है कि मामला सिंचाई विभाग पंडरिया के उप अभियंता के संज्ञान में आने के बाद ग्राम लिम्हाईपुर खार स्थित दरारयुक्त नहर लाइनिंग एवं पुलिया के क्षतिग्रस्त हिस्सों को जेसीबी मशीन से हटाया गया। इस कार्रवाई के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल और गहरा गए हैं।
क्षेत्रीय किसानों ने मांग की है कि पंडरिया क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए सभी नहर, नाली लाइनिंग एवं पुलिया निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण सामग्री के नमूनों की जांच सिंचाई विभाग के अलावा किसी स्वतंत्र सरकारी या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला (लैब) से कराई जाए, ताकि वास्तविक गुणवत्ता सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो भविष्य में नहरों के क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।