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October 20, 2026 7:37 am

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सेवा संकल्प अभियान के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित ।..

सेवा संकल्प अभियान के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित ।

गांधी जयंती पर वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ, संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल भोरमदेव मंदिर परिसर में वृहद स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, वनमंडलाधिकारी कवर्धा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए भोरमदेव मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। इस अवसर पर स्वच्छता को नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाने, सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संदेश दिया गया।

महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों का स्मरण करते हुए उपस्थितजनों से अपने घर, गांव, कार्यस्थल एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनने की अपील की गई। ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर वन्यजीव सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। अधिकारियों ने वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व तथा जैव विविधता के महत्व के संबंध में जानकारी दी। ग्रामीणों से वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का सहयोग करने तथा वन्यजीव दिखाई देने अथवा किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल विभाग को सूचित करने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र का भ्रमण कर वहां की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया गया। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों से चर्चा कर उनकी आजीविका गतिविधियों, वन संरक्षण में सहभागिता तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वन संसाधनों पर आधारित रोजगार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।

कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का समन्वित संदेश दिया गया। उपस्थित सभी लोगों ने भोरमदेव मंदिर परिसर तथा अभयारण्य क्षेत्र की स्वच्छता एवं प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने में निरंतर सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया।

दोनों राज्यों में विकास की नई गति ।
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