छात्र हित सर्वोपरि : कबीरधाम में दुर्ग विश्वविद्यालय की शाखा खोलने की मांग, ABVP ने कुलपति को घेरा, मिला सकारात्मक आश्वासन।
शिक्षा जगत और छात्र हितों से जुड़ी एक बड़ी खबर छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और दुर्ग से सामने आ रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कबीरधाम जिला के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति से मुलाकात की है। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य कबीरधाम जिले के कॉलेज छात्रों को आ रही गंभीर समस्याओं से निजात दिलाना और यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखना था।

प्रमुख मांगें : क्यों परेशान हैं कबीरधाम के छात्र ?
अभाविप के कार्यकर्ताओं ने कुलपति महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें छात्रहित से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित 7 मांगों को प्रमुखता से उठाया गया ….
कबीरधाम में यूनिवर्सिटी की शाखा : जिले के छात्रों को छोटे-छोटे कामों के लिए दुर्ग न जाना पड़े, इसलिए कबीरधाम में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की एक विशेष शाखा (Branch) स्थापित की जाए।
सब्जेक्ट सिलेक्शन (विषय चयन) में सुधार : एडमिशन और परीक्षा के दौरान विषय चयन में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों को तुरंत दूर किया जाए।
स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति : जिले के सरकारी और निजी महाविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े स्थायी प्राचार्यों (Principals) के पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।
लोकल परीक्षा केंद्र : दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए उनके नजदीकी इलाकों में परीक्षा केंद्र (Exam Centers) बनाए जाएं।
आर्थिक राहत : उत्तरपुस्तिका की प्रतिलिपि (RTI/Copy Re-evaluation) के लिए ली जाने वाली भारी-भरकम फीस को कम किया जाए।
समय पर रिजल्ट : एटीकेटी (ATKT) और मुख्य परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित किए जाएं ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो।
क्या कहा अभाविप ने ?
मानस मिश्रा (जिला संयोजक, ABVP कबीरधाम)
“कबीरधाम जिले के विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी से जुड़े बेहद सामान्य कामों के लिए भी बार-बार दुर्ग जाना पड़ता है। इससे उनका समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। अगर कबीरधाम में ही यूनिवर्सिटी की एक शाखा खुल जाती है, तो हमारे जिले के हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र में उच्च शिक्षा का स्तर सुधरेगा।”
गजाधर वर्मा (प्रांत कार्यसमिति सदस्य) : “विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए छात्र हित हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए। किसी भी यूनिवर्सिटी का फैसला छात्रों की सुविधा और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। परीक्षा, रिजल्ट और बाकी की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम, डिजिटल और प्रभावी बनाने की सख्त जरूरत है।”
कुलपति का आश्वासन : विद्यार्थियों की इन तमाम जायज मांगों को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति महोदय ने बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने अभाविप के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि छात्रहित से जुड़े इन सभी मुद्दों पर जल्द ही सकारात्मक पहल की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने कबीरधाम जिले में विश्वविद्यालय की एक शाखा खोलने की दिशा में भी आवश्यक प्रशासनिक प्रयास शुरू करने का भरोसा दिलाया है।
उपस्थिति : इस महत्वपूर्ण बैठक और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक मानस मिश्रा, प्रांत कार्यसमिति सदस्य गजाधर वर्मा के साथ-साथ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ईश्वर वर्मा, प्रिंस नाथ योगी, गजेंद्र सिंह राजपूत सहित अभाविप के कई अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता और छात्र नेता मौजूद रहे।
Tn-Today News24 Network
मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़
अब देखना यह होगा कि कुलपति महोदय के इस आश्वासन के बाद कबीरधाम के छात्रों की किस्मत कितनी जल्दी बदलती है और क्या वाकई उन्हें यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलती है।