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September 5, 2026 7:37 am

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कवर्धा के लघु वनोपज और मिलेट्स को मिलेगा वैश्विक बाजार, APEDA ने दिया निर्यात प्रशिक्षण ।

अन्न एवं लघु वनोपज के उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, निर्यात के अवसरों पर प्रशिक्षण आयोजित…

एपेडा द्वारा वनांचल के लघु वनोपज संग्राहकों एवं सहकारी समितियों को निर्यात प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों एवं Farmer Connect Portal की दी गई जानकारी …

वनांचल क्षेत्रों में उत्पादित जैविक मिलेट्स ( अन्न ), मूल्य संवर्धित उत्पादों एवं लघु वनोपज को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में जिला यूनियन, कवर्धा के अंतर्गत एपेडा (APEDA) क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा निर्यात जागरूकता कार्यक्रम (प्रशिक्षण) 10 अगस्त 2026। को वन मंडल कार्यालय कवर्धा में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में निखिल अग्रवाल, प्रबंध संचालक, जिला यूनियन, कवर्धा, अशोक कुमार बोरा, ट्रेड एसोसिएट, प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक तथा वनांचल क्षेत्रों से आए लघु वनोपज संग्राहक उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान एपेडा क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर से उपस्थित अशोक कुमार बोरा, ट्रेड एसोसिएट द्वारा जैविक उत्पादन, लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जुड़े हितग्राहियों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं संबंधित संस्थाओं को निर्यात की संभावनाओं एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण में निर्यात के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानक, उत्पादों की पैकेजिंग एवं लेबलिंग, आवश्यक अनुपालन, निर्यात प्रलेखन, बाजार की आवश्यकताओं तथा निर्यात प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। इसके साथ ही एपेडा की योजनाओं एवं Farmer Connect Portal के माध्यम से उत्पादकों और संभावित निर्यातकों के बीच संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य वनांचल में उपलब्ध लघु वनोपज, जैविक श्री अन्न एवं अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा इनके निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित सामग्री को गुणवत्ता एवं प्रसंस्करण के माध्यम से अधिक मूल्य प्राप्त कराने तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

इस अवसर पर वनांचल से आए लघु वनोपज संग्राहकों एवं सहकारी समितियों के प्रबंधकों ने निर्यात प्रक्रिया एवं बाजार की संभावनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम से स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार एवं लघु वनोपज संग्राहकों की आय में वृद्धि की दिशा में नई संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है।

दोनों राज्यों में विकास की नई गति ।
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