दुर्ग – सिकल सेल से मुक्ति का संकल्प: झीट में सामूहिक जांच और जागरूकता अभियान संपन्न..
पाटन – झीट में विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस के विशेष अवसर पर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), झीट में ICMR-NIRTH MRHRU झीट द्वारा एक दिवसीय सिकल सेल जागरूकता एवं निःशुल्क स्क्रीनिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसकी शीघ्र पहचान करना और इसके प्रभावी प्रबंधन के तरीकों से लोगों को अवगत कराना था।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित डॉ. अपर्णा वर्मा (खंड चिकित्सा अधिकारी, झीट), डॉ. नेहा गुरबानी (वैज्ञानिक-सी, ICMR-NIRTH) और डॉ. उपेंद्र भेले (वैज्ञानिक-सी, ICMR-NIRTH) ने उपस्थित ग्रामीणों और समुदाय के लोगों को संबोधित किया।
चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने सिकल सेल रोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला:
कारण और लक्षण:
यह एक आनुवंशिक (वंशानुगत) रक्त विकार है। इसके लक्षणों में बार-बार शरीर में दर्द होना, खून की कमी (एनीमिया) और थकान शामिल हैं।
बचाव और रोकथाम:
विवाह से पूर्व या गर्भधारण के समय सिकल सेल कुंडली (जांच रिपोर्ट) का मिलान करना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी को इससे बचाया जा सके।
समय पर जांच का महत्व: यदि समय रहते रोग की पहचान हो जाए, तो सही खान-पान और दवाओं के जरिए मरीज एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है।
निःशुल्क स्क्रीनिंग और परामर्श
जागरूकता सत्र के साथ ही एमआरएचआरयू (MRHRU) झीट के कुशल स्टाफ सदस्यों द्वारा शिविर में आए नागरिकों की निःशुल्क सिकल सेल जांच (स्क्रीनिंग) की गई। जांच के बाद मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और मार्गदर्शिका भी प्रदान की गई।
आयोजन का उद्देश्य:
“सिकल सेल एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, लेकिन सही जानकारी और समय पर की गई जांच से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। सामूहिक प्रयास और जन-जागरूकता ही इस बीमारी के खिलाफ हमारा सबसे बड़ा हथियार हैं।”
इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मिताशिनियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर लाभ उठाया।